वर्ण व्यवस्था : समाज में इससे जुड़े मिथक और वास्तविकता
आधुनिक समाज के तौर-तरीके अलग हैं, यह धर्म, जाति लिंग नस्ल के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। वो बात अलग है कि
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श्वेता चौहान पिछले पांच सालों से मीडिया में सक्रिय हैं और राजनीति, धर्म, स्वास्थ्य, मनोरंजन और महिला-केंद्रित विषयों पर लिख रही हैं। उन्हें कविताएं लिखने और फोटोग्राफी का शौक है। श्वेता ने अपना मीडिया करियर पंजाब केसरी डिजिटल से शुरू किया और उसके बाद प्रभु भक्ति चैनल, गृहलक्ष्मी मैगज़ीन, iDiva और Feminism in India जैसी प्रतिष्ठित जगहों पर काम किया है।