जस्टिस सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के बाद राजनीति के गलियारे में एक और पार्टी ने प्रवेश ले लिया है। जिसका नाम है कॉकरोच जनता पार्टी , पार्टी के सदस्यों ने हाल ही में प्रेस कॉनफेरेंस की है जिसमें उन्होंने अपने उद्देश्य और आंदोलन पर बात की। सोशल मीडिया पर कहीं सहयोग तो कहीं निंदा झेल रही ये पार्टी आगे क्या करती है इस पर सभी की निगाहें हैं। सोशल मीडिया पर सी जे पी ने अपनी ओर सबका ध्यान खींच लिया लेकिन ये कितने दिन तक चर्चा का विषय रहेगा ये देखना होगा।
पार्टी के स्पोक्स्पर्सन में किसी महिला का न होना इस पार्टी को सवाल के घेरे में खड़ा कर गया जिसका जवाब उन्होंने कुछ ऐसा दिया जो आपको एक बार तो सोचने पर मजबूर कर ही देगा। इस जवाब पर बात करने के साथ ये भी जानेंगे कि सी जे पी पर लगातार ‘आप’ से संबंधित होने के इल्ज़ाम क्यों लग रहे हैं।
राजनीति में महिला
राजनीति में महिलाओं की उपस्थिति बेहद जरूरी है ये हम सभी जानते हैं। ऐसे में सी जे पी द्वारा की गई प्रेस कॉनफेरेंस में महिला प्रवक्ता का न होना पार्टी के लिए कई सवाल खड़े करता है। पार्टी को इस सवाल का सामना करना पड़ा कि एक भी महिला प्रवक्ता क्यों नहीं हैं?, सवाल भी जायज़ है इस सदी जिसमें महिला लगभग हर क्षेत्र में उपस्थित हैं तो ऐसे में मॉडर्न जनरेशन द्वारा बनाई गई पार्टी में महिला प्रवक्ता क्यों नहीं। ये सवाल अभिजीत के सामने भी आया लेकिन इस सवाल से ज़्यादा उनका जवाब आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि हम कहाँ हैं ? अभिजीत ने ट्वीट कर कहा कि ‘हमने अपनी महिला टीम के सदस्यों को ये भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन कई लोगों ने कहा कि लगातार हो रहे अनलाइन हमलों और धमकियों की वजह से वो सामने आए बिना सक्रिय रूप से शामिल रहना पसंद करेंगी, हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं । हम उन युवा महिलाओं को भी आमंत्रित करना चाहते हैं जो इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहती हैं और प्रवक्ता के तौर पर आगे आने को तैयार हैं’ । ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियों के कारण महिलाओं का सामने न आना किसी भी देश के लिए शर्मनाक है।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग
ये कितना भयावह है कि कोई महिला अपनी सक्रियता सामने रहकर दिखाने में असमर्थ है । ऐसा नहीं कि ये पहली बार है सोशल मीडिया पर किसी भी पार्टी से संबंधित महिला को इस घटिया मानसिकता का सामना करना ही पड़ता है । महिलाओं के लिए मुखर होना जैसे घातक हो गया है । सोशल मीडिया अपने विचार रखने के लिए है न कि किसी से विचार न मिलने पर उसकी मानहानि करने के लिए। आज आलम ये है कि महिलाएं स्वतंत्र रूप से कोई ऐसा पोस्ट नहीं कर सकती हैं जो किसी विशेष पार्टी के खिलाफ हो । यानी आप अगर तारीफ करना चाहें तो स्वागत है लेकिन विरोध करना चाहें तो आपके अपमान में सब कह दिया जाएगा जिसके बाद आप कुछ भी पोस्ट करने से पहले डरने लगें। राजनीति का ये स्तर डरावना है कि किसी पार्टी के दीवाने को अगर आपकी बात ठीक न लगी तो वो आपको कुछ भी कह सकता है। ये मंत्रमुग्धता कितनी खतरनाक चीज़ है ये तो हम देख ही रहे हैं। सोशल मीडिया ट्रोलिंग मानसिक तनाव ही नहीं पैदा करती बल्कि खुद को संदेह के घेरे में खड़ा कर देती है।
सोशल मीडिया पर चाहें तो खुद देख सकते हैं फिर महिलाएं किसी भी पार्टी के खिलाफ बोल लें या महिला सुरक्षा को लेकर ही सवाल कर लें फिर उनके कमेंट्स सेक्शन में ये पार्टी के दीवाने क्या क्या कहते नज़र आते हैं आप देख कर हैरान रह जाएंगे। सोशल मीडिया के इस दौर में कोई भी महिला सुरक्षित नज़र नहीं आती। ऐसे में सी जे पी की तरफ से किसी महिला प्रवक्ता के न होने का कारण कुछ समझ आता है। तो भी ये देखना आनंदित होता है कि महिलाएं बोलती हैं लिखती हैं तमाम घटिया मानसिकता पर पाओं रखकर , उसे कुचल कर आगे बढ़ जातीं हैं।
आधार और पार्टी से कनेक्शन
जस्टिस सूर्यकांत का एक बयान जो चर्चा का विषय रहा साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी का आधार भी रहा । 15 मई को जस्टिस सूर्यकांत का बयान आया जिसमें उन्होंने भारत के युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर डाली । सी जे आई ने एक सुनवाई के दौरान बेरोज़गार युवाओं और सोशल मीडिया एक्टिविस्टस् को ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ कहा था जिसके बाद अभिषेक दीपके द्वारा सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक विरोध प्रदर्शन चल पड़ा। इसके बाद कई मुख्य सोशल मीडिया अकाउंट्स ने सी जे पी को फॉलो करना शुरू कर दिया और सहयोग मिलने लगा।
अभिजीत दीपके का पार्टी कनेक्शन
जब से सी जे पी अपने अस्तित्व में आई है उसपर लगातार ये इल्ज़ाम लग रहा है कि उसका आम आदमी पार्टी से कनेक्शन है। अभिजीत दीपके जो कि सी जे पी के फाउन्डर हैं वो पहले आम आदमी पार्टी के लिए काम कर चुके हैं । अभिजीत आम आदमी पार्टी की कम्यूनिकेशन टीम के लिए काम कर चुके हैं। वहीं उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट जो कि आम आदमी पार्टी से संबंधित हैं, को काफी शेयर किया जा रहा है। इसी के चलते सोशल मीडिया पर उनके आम आदमी पार्टी से जुड़े होने की बातें कही जा रही हैं। फिर जब से अरविन्द केजरिवल ने सी जे पी को सपोर्ट दिया है उसके बाद से ये चर्चा तेज़ हो गई है कि सी जे पी के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ है। इस तरह के तमाम सवाल , जवाब के साथ सी जे पी ने 6 जून को आंदोलन किया है जिसमें उनकी मांग शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। सोशल मीडिया पर जिस तरह बड़ी संख्या में लोग जुड़े ज़मीन पर ये आंकड़ा काफ़ी कम रहा। इसके बीच महिलाओं की मजूदगी का विषय है जो सोचने पर मजबूर कर देता है।