Philosophical Songs: जीवन दर्शन को बयां करते हैं ये 5 बॉलीवुड गीत

Philosophical Songs: जीवन दर्शन को बयां करते हैं ये 5 बॉलीवुड गीत

भारतीय संस्कृति में गीतों का बेहद महत्व है। गीत सिर्फ गीत नहीं होते जिनसे आप अपना दिल बहला लें बल्कि ये आपकी यादों का अनमोल हिस्सा बन जाते हैं। बॉलीवुड ने ऐसे कई सारे गीत दिए हैं जो काफी पसंद किये जाते हैं और इनकी मौजूदगी हमारे किसी भी आयोजन को बेहद खूबसूरत बना देती हैं। बॉलीवुड के गीतों के गुलदस्ते में एक से बढ़कर एक गीत हैं जो हमें कभी झूमने कभी रोने कभी हंसने पर मजबूर कर देते हैं। इसी तरह कुछ ऐसे गीत भी हैं जो दार्शनिक होते हैं और ये गीत हमें जीवन को एक अलग तरह से देखने का नज़रिया देते हैं। जीवन दर्शन को दिखाते ये गीत आप अक्सर गुनगुनाते हैं। 

इन फिल्मी गानों में जीवन दर्शन की झलक बेहद खूबसूरत है। इन गीतों को सुनकर आप इन्हें भूल नहीं सकते हैं ये गीत हैं ही ऐसे आप इन्हें अपने इतने करीब पाते हैं कि इन्हीं भूलना बहुत मुश्किल होता है । तो चलिए जानते हैं बॉलीवुड के उन गीतों के बारे में जिनमें जीवन दर्शन की झलक मिलती है।  

इन गीतों में मिलती है जीवन दर्शन की झलक

1) तुझको चलना होगा 

‘सफ़र’ फिल्म के इस गीत की पंक्ति इस तरह है कि ‘जीवन कहीं भी ठहरता नहीं है,आंधी से तूफ़ान से डरता नहीं है, तू न चलेगा तो चल देंगी ये राहें, मंजिल को तरसेंगी तेरी निगाहें , तुझको चलना होगा तुझको चलना होगा’, जीवन का ये भी एक सत्य है कि जीवन कभी ठहरता नहीं है किसी के लिए भी नहीं इसलिए हमें भी जीवन के साथ चलना होता है। आप किसी बात , किसी घटना को लेकर बैठ नहीं सकते आपको जीवन के साथ चलना होता है, यदि आप किसी कारण जीवन की लय में नहीं बहते तो बाद में आपके हाथ कुछ नहीं लगता सिवाय पछतावे के।  

2) मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया

फ़िल्म ‘हम दोनों’ का ये गीत सिर्फ एक गीत नहीं है बल्कि ये न जाने कितने लोगों की दास्तान है। जो इस ज़िंदगी को इस तरह से जीते हैं जैसे वो इसका साथ निभा रहे हैं, वो बिना किसी छेड़छाड़ के बस जी रहे हैं, वे अपने जीवन से बहुत बड़े ख्वाब नहीं देखते बल्कि जो उनके सामने आता गया वे उसी से खुश रहे। ये उदासीन है लेकिन कितनी सच बात है। ‘बर्बादियों का सोग मनाना फ़िज़ूल था मैं बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया’, ये पंक्ति कितनी सहजता से जीवन को देखने का नज़रिया देती है कि यहाँ आप मोह से दूर हैं आप बर्बाद होने और आबाद होने में फ़र्क नहीं समझ रहे। आगे के बोल इस तरह हैं कि ‘ग़म और खुशी में फ़र्क न महसूस हो जहां,मैं दिल को उस मक़ाम पर लाता चला गया’, ये बोल महज़ बोल नहीं हैं इस मक़ाम पर अपने दिल को लाना कि वो ग़म और खुशी में फ़र्क ही महसूस न कर सके इतना तटस्थ हो जाना कितना मुश्किल है। लेकिन यक़ीनन ज़िंदगी का हाथ पकड़कर अपने अनुसार उसे चलाने से कितना बेहतर है कि ज़िंदगी को अपना हाथ थमा देना। फिर जीवन आपको जहां भी ले जाए बस चल दीजिए। उसे स्वीकार कर लीजिए , ये भी तरीक़ा है ज़िंदगी को देखने का।     

3) किसी कि मुस्कुराहटों पर हो निसार 

फिल्म ‘अनाड़ी ‘ का गीत ‘किसी की मुस्कुराहटों पर हो निसार , किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार,जीना इसी का नाम है’, क्या ही ज़िन्दा बोल हैं इस गीत के। आगे है कि ‘के मर के भी किसी को याद आएंगे,किसी के आंसुओं में मुस्कुराएंगे,कहेगा फूल हर कली से बार-बार, जीना इसी का नाम है’, ये खूबसूरत बोल कितनी आसानी से जीवन का उद्देश्य बयान करते हैं कि अगर आप किसी के दुख को अपना समझते हैं और आपके दिल में किसी के लिए प्यार है तो यक़ीनन आप अपने जीवन को जी रहे हैं। 

4) तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले 

‘तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले,अपने पर भरोसा है तो ये दाव लगा ले’। ये गीत फ़िल्म ‘बाज़ी’ का गीत है। गीत के बोल कितने बेहतरीन हैं , ज़िंदगी को अलग अलग उपायों से तरीकों से बेहतर जिया जा सकता है। इसके आगे के बोल इस तरह हैं कि ‘क्या खाक़ वो जीना है जो अपने ही लिए हो, खुद मिट के किसी और को मिटने से बचा ले’,अपने पर भरोसा है तो ये दाव लगा ले’, कितनी सच्चाई है इस गीत में कि वो जीना क्या जीना है जो सिर्फ़ अपने लिए है जीना तो तब हुआ जब किसी और के लिए जियें हों। 

5) ज़िंदगी रोज़ नए रंग में ढल जाती है

फिल्म ‘आज’ का ये गीत ज़िंदगी के बदलते रंग-ढंग को बयां करता है । ज़िंदगी में कभी अच्छा या बुरा समय आता है इसके साथ ही बहुत सी चीज़ें बदलने लगती हैं। इसके बोल इस तरह हैं कि ‘ज़िंदगी रोज़ नए रंग में ढल जाती है,कभी दुश्मन तो कभी दोस्त नज़र आती है’, ये गीत जीवन के हर समय एक तरह के न होने की बात कहता है। जीवन कभी भी एक जैसा नहीं रहता कभी सुख तो कभी दुख इसमें होते हैं।

ये सभी बॉलीवुड गीत जीवन के दर्शन को समझाते हैं। प्यारे और मन मोह लेने वाले इन गीतों के बोल में जीवन का सार छुपा हुआ है। हम इसे अपनी तरह से चला नहीं सकते, हमारे हाथ में ये है कि हम जब तक इस दुनिया में हैं सबसे प्यार करते रहें। दूसरों के काम आ सकें, उनके लिए कुछ कर सकें तो ही ये ज़िंदगी जी जा सकती है। फिर ज़िंदगी जीने के लिए है, काटने के लिए नहीं। 

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1 Comment

Deepika Mishra November 1, 2025 - 2:46 PM

Good songs

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