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March 2, 2026
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Jawaharlal Nehru: जानिए क्यों हर दौर में याद किए जाएंगे पंडित नेहरू

Jawaharlal Nehru: जानिए क्यों हर दौर में याद किए जाएंगे पंडित नेहरू

पंडित जवाहर लाल नेहरू एक ऐसा नाम है जो कि भारत का कहीं ज़िक्र होता है तो इस नाम को नज़रंदाज़ नहीं किया जाता है। ये नाम भारत के इतिहास ही नहीं बल्कि भारत के आधुनिकरण के लिए भी जाना जाता है। भारत के पंडित नेहरू 1964 में अपने देश और दुनिया को अलविदा कह गए थे लेकिन आज भी उनकी मौजूदगी देश और दुनिया की राजनीति में कुछ इस तरह है कि अल्लामा इक़बाल के ग़ज़ल का शेर याद आता है कि ‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौरा-ए-ज़मां हमारा’ । कुछ यूंही पंडित नेहरू रहे होंगे। अब आप खुद ही देख लीजिए किस तरह देश और दुनिया के नेता पंडित नेहरू को याद करते हैं। कहीं हर बुरे का  इल्ज़ाम नेहरू के नाम है तो कोई उन्हें बेहद बेहतरीन प्रधानमंत्री की हैसियत से याद करता है। तो चलिए जानते हैं पंडित नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें वर्तमान में याद किए जाने के कारणों के बारे में इसके साथ ही ये भी कि दुनिया क्यों पंडित नेहरू को कभी भूल नहीं पाएगी, क्यों वे हर दौर में याद किए जाएंगे। 

क्यों याद आते हैं नेहरू 

हाल ही में न्यू यॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के जीतने के बाद दिए गए भाषण से ऐसा महसूस होता है कि नेहरू द्वारा किए गए कार्यों और उनकी राजनैतिक समझ का ‘डंका’ असल मायने में बज रहा है। ये वो दौर है जिसमें काँग्रेस पार्टी खुद को देश की नज़र में एक भरोसेमंद पार्टी के तौर पर रखने का प्रयास कर रही है। पंडित नेहरू इसी पार्टी से थे। चूंकि पंडित नेहरू एक बेहतरीन दृष्टा थे इसलिए ये मानने में कोई शक नहीं कि वे पार्टी से बहुत ऊपर थे, या यूं कह लीजिए कि वे देश के प्रधानमंत्री हुए किसी पार्टी के नहीं। आज उनका नाम देश और दुनिया के नेताओं की ज़बान पर होने के कई कारण हैं जिनमें सबसे मुख्य है उनकी बेहतरीन सोच और समझ, यही कारण है कि नेहरू आज भी सम्मानपूर्वक याद किए जाते हैं। 

ज़ोहरान ममदानी के भाषण में नेहरू 

सबसे पहले हाल ही में न्यू यॉर्क मेयर का चुनाव जीते ज़ोहरान ममदानी का खयाल आता है। ज़ोहरान ने ये चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। चुनाव जीतने के बाद ज़ोहरान द्वारा दिया गया भाषण काफ़ी चर्चा में रहा ज़ोहरान ने अपने भाषण में कहा कि आप सभी के सामने उपस्थित होकर मुझे जवाहर लाल नेहरू के शब्द याद आते हैं, इतिहास में ऐसा पल बहुत कम आता है जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग समाप्त होता है और जब लंबे समय से दबी राष्ट्र की आत्मा को अभिव्यक्ति मिलती है । आज रात हमने पुराने समय से नए समय की ओर क़दम बढ़ा दिया है। आगे ममदानी ने कहा कि ये वो दौर होगा जिसमें न्यूयॉर्क के लोग अपने नेताओं से बड़े विज़न की उम्मीद करेंगे कि हमें क्या हासिल करना है। ममदानी ने नेहरू की स्पीच ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ को क्वोट किया।  

आधुनिक भारत के निर्माता पंडित नेहरू 

पंडित नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता इसलिए कहे जाते हैं क्योंकि उन्हें न केवल भारत के लोकतंत्र में यक़ीन था बल्कि उनकी कई ऐसी नीतियाँ थीं जो आज भी सहायक हैं और असल मायने में विकास का आधार हैं। नेहरू ने विपक्ष का हमेशा सम्मान किया ये इस बात से जाना जा सकता है कि जब एक बार विपक्ष के नेता अटल बिहारी बाजपेयी ने कहा था कि नेहरू के अंदर चर्चिल और चैंबरलिन दोनों हैं तब नेहरू बगैर उनकी बात का बुरा माने उनके भाषण कि सराहना की थी। विपक्ष का सम्मान करना नेहरू जानते थे। पंडित नेहरू ने पंचवर्षीय योजना की शुरुआत की थी। इस योजना ने कृषि , उद्योग , बुनियादी ढांचा , हरित क्रांति जैसे प्रयास दिए और आज भी राष्ट्रीय नीतियों में इनका प्रभाव देखा जाता है। पंडित नेहरू ने जो शिक्षा के विकास में किया उसे भुलाया नहीं जा सकता, सही अर्थ में पंडित नेहरू ने भारत को आईआईएम ,आईआईटी और विश्वविद्यालय के रूप में भारत की आँखों में उन्नति का सपना सजाया और उसे साकार किया। इसके साथ ही उनके द्वारा स्थापित भाकड़ा नांगल बांध , रिहंद बांध और बोकारो स्पात कारखाना की स्थापना की थी। 

जब इंदिरा गांधी ने पहनी पंडित नेहरू के हाथ की बनी साड़ी..

पंडित नेहरू जिन्हें हम भारत के आधुनिकरण का कारण जानते हैं, क्या आपको उनके बारे में ये बात पता है कि नेहरू सिर्फ देश को बुनना ही नहीं बल्कि साड़ी भी बनाना जानते थे और ये साड़ी इंदिरा गांधी ने अपनी शादी पर पहनी थी। लेखिका कृष्ण हठीसिंह ने अपनी किताब ‘इंदिरा से प्रधानमंत्री’ में लिखा है कि इंदिरा ने अपने विवाह के दिन केसरिया रंग की साड़ी पहनी थी, उसमें चांदी के छोटे छोटे फूल लगे हुए थे। साड़ी का सूत पंडित नेहरू ने अपने जेल दिनों में काता था। नेहरू जो अपनी आधुनिक सोच और समझ के लिए जाने जाते हैं उनका अपनी बेटी इंदिरा गांधी के लिए साड़ी को कातना एक भावुक एहसास है। 

 नेहरू तक पहुचना क्यों है मुश्किल 

पंडित नेहरू के विचार , उनके फैसलों के कारण वो हमेशा ही याद किए जाएंगे। पंडित नेहरू अपने विचारों के कारण सिर्फ एक देश के प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि वे देश के बाहर भी पसंद किए जाने और याद किए जाने वाले नेताओं में रहेंगे। आज सोशल मीडिया पर नेहरू को लेकर अलग ही भ्रांति फैली हुई है, उन्हें ही हर बात के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है। नेहरू तक पहुंचना बेहद मुश्किल है आज के नेताओं के लिए सिर्फ़ शिक्षा के नज़रिये से ही नहीं बल्कि व्यवहार और समझ से भी। नेहरू का कोई ऐसा भाषण नहीं था जिसमें उन्होंने अभद्र टिप्पणी की हो और आज ये आलम है कि कोई भाषण पूरा नहीं होता किसी के अपमान की बात कहे बगैर। जब जब भारतीय राजनीति में सभ्यता की बात होगी तो नेहरू को याद किया जाएगा। ये दुर्भाग्य है कि खुद नेहरू के देश की पार्टियां उनका सम्मान नहीं कर पाती हैं और ये वो नेहरू हैं जो अपने विपक्ष का इस तरह सम्मान करते थे कि अपने खिलाफ भाषण की वो तारीफ करते थे। ऐसे थे नेहरू , ऐसा था लोकतंत्र । ये बड़प्पन आजकल के नेताओं में देखने को नहीं मिलता और ये बाद सिद्ध हो जाती है कि जब किसी के जैसा बन नहीं पाते तो यक़ीनन उसकी बुराई करने लगते हैं क्योंकि ये आसान होता है।

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