हिंदी सिनेमा में ऐसे कई कलाकार रहे जिन्होंने अपने दर्शकों के दिलों पर खूब राज किया और आज भी उनके चेहरे का नूर उनके फैंस अपने दिल से लगाए रखते हैं। एक ऐसे ही बेहतरीन और खूबसूरत अभिनेता हिंदी सिनेमा की देन हैं जिनका नाम है जयदेव मुखर्जी , जी हाँ वही जयदेव मुखर्जी जिन्हें आप और हम जॉय मुखर्जी के नाम से जानते हैं।
हिंदी सिनेमा के इस चॉकलेट बॉय का दीवाना कौन न था। उनकी फिल्मों में कभी उनका चुलबुला अंदाज़ दर्शकों का दिल जीत लेता तो कभी किसी फ़िल्म में उनका संजीदगी भरा अंदाज़ दर्शकों को उनका क़ायल कर देता। तो चलिए जानते हैं जॉय मुखर्जी का फिल्मों में आना कैसे हुआ और उनकी एक फ़िल्म को क्यों झेलनी पड़ी थी तंगी।
अभिनेता नहीं बनना चाहते थे जॉय
जॉय मुखर्जी एक बेहतरीन अभिनेता हैं उन्हें चाहने वाले भी बहुत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं जॉय कभी भी एक अभिनेता नहीं बनना चाहते थे। जॉय अपनी पढ़ाई लिखाई से वास्ता रखने वालों में से थे, उन्हें पढ़ने लिखने का बहुत शौक था। वही जॉय मुखर्जी जो फिल्मों में अपनी रोमांटिक छवि के लिए जाते थे वो असल में फिल्मों में आना नहीं चाहते थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की सेंट ज़ेवियर कॉलेज से पूरी की , उन्हें एक्टिंग में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्हें फ़िल्मों में लाने का श्रेय जाता है उनके चाचा राम मुखर्जी को।
जब सुनील दत्त पुकारने लगे लोग
राम मुखर्जी एक फ़िल्म बना रहे थे जिसका नाम था ‘हम हिन्दुस्तानी’। ‘हम हिन्दुस्तानी’ में सुनील दत्त मुख्य भूमिका में थे। जब एक दिन जॉय मुखर्जी फ़िल्म ‘हम हिन्दुस्तानी’ के सेट पर पँहुचे तो उन्हें वहाँ सब सुनील दत्त कहने लगे, उनकी कद काठी और कहीं हद तक सुनील दत्त जैसी फेस कटिंग के कारण लोग ऐसा कहने लगे । ये देखकर जॉय के पिता सशोधर और राम मुखर्जी ने सोचा क्यों न फ़िल्म में सुनील दत्त के छोटे भाई का किरदार जॉय से करवाया जाए ये सुनकर जॉय चौंक गए और निराश हो गए। राम मुखर्जी और अपने पिता सशोधर मुखर्जी के कहने पर उन्होंने फ़िल्म में सुनील दत्त के छोटे भाई का किरदार निभाया और फिर फ़िल्मों में काम करने का उनका ये सफर जारी रहा। ज़िद्दी , इशारा , हमसाया , आओ प्यार करें , जी चाहता है , फिर वही दिल लाया हूं , एक मुसाफिर एक हसीना और लव इन शिमला जैसी फ़िल्में बहुत पसंद की गई थी।
फ़िल्म ‘लव इन बॉम्बे’ की रिलीज़ में आईं दिक्कतें
जॉय मुखर्जी न सिर्फ अभिनेता थे बल्कि उन्होंने कई फ़िल्मों को प्रोड्यूस भी किया था। फ़िल्म ‘लव इन बॉम्बे’ का निर्देशन जॉय मुखर्जी ने किया था। फ़िल्म को बनाने में काफी खर्च हुआ। इस फ़िल्म को रिलीज करने में काफी दिक्कतें आईं , जिसके कारण पैसे की तंगी ने उन्हें काफी परेशान कर दिया। फ़िल्म ‘लव इन’ सीरीज का तीसरा पार्ट थी। फ़िल्म ‘लव इन शिमला’ और फ़िल्म ‘लव इन टोक्यो’ सुपर हिट फ़िल्में थी । फ़िल्म ‘लव इन बॉम्बे’ 2013 में रिलीज हुई। जॉय मुखर्जी के बेटे टोय ने इस फ़िल्म को रिलीज किया।
