शारदीय नवरात्र आने वालें है। इन नौ दिन देवी का बहुत श्रद्धा से पूजन कर हर भक्त आशीर्वाद लेना चाहेगा। देवी के भक्तों के लिए ये 9 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। नव दुर्गा रूप की आराधना कर भक्त सुख प्राप्त करते हैं। देवी के आगमन में जो खुशी और उल्लास है उसे हर भक्त अपने मन के समीप पाता है। सभी के मन में यही भावना रहती है कि देवी हम सब पर अपना आशीर्वाद बनाएं रखें। फिर एक दिन आता है जब देवी का विसर्जन होता है, हर किसी के मन में ये दिन दुख भर देता है। नौ दिन देवी की पूजा कर फिर उन्हें विदा कर दिया जाता है उसके बाद कुछ दिन तक तो कुछ अच्छा नहीं लगता लेकिन इसके साथ ही एक उम्मीद देवी दे जाती हैं कि वो फिर आएंगी।
कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष शारदीय नवरात्र 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहे हैं । 30 सितंबर को अष्टमी और 1 अक्टूबर को महानवमी मनाई जाएगी। इस शारदीय नवरात्र के पहले दिन कलशस्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 09 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 06 मिनट तक रहेगा । इस शुभ मुहूर्त में आप कलश की स्थापना कर सकते हैं ।
व्रत में क्या खाएं क्या नहीं ?
देवी के पूजन के साथ भक्त व्रत भी रखते हैं कुछ भक्त पूरे नौ दिन तो कुछ भक्त नवरात्र के प्रथम और अष्टमी का व्रत करते हैं। अगर आप भी नवरात्रि का व्रत करने वाले हैं तो ये जानना बेहद ज़रूरी है कि आप देवी के व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं। इससे आप नौ दिन ऊर्जावान भी रहेंगे और ठीक तरह से देवी का पूजन भी कर सकेंगे।
व्रत में इन चीजों का करें सेवन
नवरात्र में कुट्टू के आटे से बनाए जाने वाले भोजन का सेवन किया जा सकता है। इसके साथ ही साबुदाना का सेवन भी कर सकते हैं, न केवल यही दोनों चीजें बल्कि आप व्रत में समा के चावल , फल जैसे सेब , अनार , अंगूर या केला आदि खा सकते हैं। सेंधा नमक का सेवन व्रत के खाने में कर सकते हैं। नवरात्र में ड्राई फ्रूट्स भी खा सकते हैं। इसके अलावा दूध,दही,आलू,शकरकंद और घी का सेवन भी कर सकते हैं। इस तरह आपको कमज़ोरी भी महसूस नहीं होगी और आपका व्रत बहुत अच्छी तरह हो जाएगा।
व्रत में इन चीजों का न करें सेवन
व्रत में अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। मांस – मदिरा से भी दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही कुछ भी अशुद्ध न खाएं जो भी व्रत में खाई जाने वाली चीजें हैं उन्हें साफ और शुद्ध करके खाएं।
