18, August 2025: कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब भक्तों को राधा अष्टमी का इंतज़ार है । ये व्रत श्री जी के भक्तों को बेहद प्रिय है । भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा जन्मोत्सव मनाया जाता है। राधा अष्टमी में श्री जी की पूजा अर्चना कर व्रत किया जाता है । राधा अष्टमी का व्रत वो व्रत है जिसमें सिर्फ राधा जी का आशीर्वाद ही नहीं बल्कि श्री कृष्ण का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। कृष्ण जन्माष्टमी की ही तरह राधा अष्टमी पर भी मंदिर खूब सजते हैं और भक्तों की राधे राधे से मंदिर गूंज उठता है। तो आईए जानते हैं राधा अष्टमी का मुहूर्त और व्रत में क्या खाएं ?
कब है राधा अष्टमी
कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब भक्त राधा अष्टमी की तैयारी में लग गये हैं, क्योंकि राधा अष्टमी भी समीप आ गई है । राधा रानी के जन्मदिन के लिए सभी भक्त अत्यंत उत्सुक हैं । राधा अष्टमी इस वर्ष 31 अगस्त 2025 रविवार को मनाई जाएगी । अष्टमी तिथि 30 अगस्त 10: 46 पी एम को प्रारंभ हो जाएगी और 1 सितंबर 12: 57 ए एम पर तिथि समाप्त होगी । 11:05 ए एम से 1: 38 पी एम पूजा का मध्यान्ह समय है। इस समय आप पूजा कर सकेंगे ।
व्रत में ये चीजें खा सकते हैं आप
कई भक्त निर्जला व्रत रखते हैं तो कई भक्त फलाहार व्रत रखते हैं । यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रहे हैं तो आप अपने व्रत में इन चीजों का सेवन कर सकते हैं । आप अपने व्रत में फल , सूखे मेवे , सेंधा नमक से बनाए गए व्यंजन, माखन मिश्री , मखाना और साबूदाना से बनी खीर या खिचड़ी , दूध-दही, पंचामृत जैसी चीजों को खा सकते हैं। इनका सेवन करने से आप अपने भागदौड़ की ज़िंदगी में भी व्रत ठीक तरह से कर सकेंगे। आपको कमजोरी भी महसूस नहीं होगी।