Hindi Kavita: स्कूल के दिनों की ये 5 हिंदी कविताएं कहीं भूल तो नहीं गए हैं?

Hindi Kavita: स्कूल के दिनों की ये 5 हिंदी कविताएं कहीं भूल तो नहीं गए हैं?

25 august 2025: स्कूल के दिनों की बात करते ही हमारे चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है। अपने स्कूल के दिनों की बातें करते हुए हम सभी एक बार तो कह ही देते हैं कि हमें अपने स्कूल के दिनों में वापस जाना है । आखिर कहाँ चले गए वो दिन, उन दिनों में वापस जाने का मन क्यों न करे वो दिन ही सुकून भरे दिन थे। जैसे स्कूल का कोई न कोई क़िस्सा हम सभी के पास होता है उसी तरह हम सभी की एक पसंदीदा हिंदी कविता भी होती है जिसे हम गुनगुनाते हैं। ये हिंदी कविता भले ही स्कूल के दिनों में समझ न आई हो लेकिन याद रहती है क्योंकि आपके स्कूल के दिन इनसे जुड़े हैं । जब कभी अब के स्कूल के बच्चे इन्हें गाते – गुनगुनाते हैं तो हम बड़ी खुशी से कहते हैं कि ये तो हमारे स्कूल के दिनों की कविता है । तो चलिए कुछ ऐसी ही हिंदी कविताओं के बारे में जानते हैं जो हमारे स्कूल  के दिनों की यादें समेटे हुए हैं । जिन्हें पढ़कर हम थोड़ा नॉस्टैल्जिक महसूस करते हैं। 

1) झांसी की रानी 

ये कविता बहुत प्रसिद्ध है जिसे हर किसी ने अपने स्कूल में ज़रूर पढ़ा होगा। कवयित्री सुभद्राकुमारी चौहान की लिखी ये कविता आज भी स्कूल के बच्चे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में इसका पाठन करते हैं जहां कोई भगत सिंह बना है तो कोई महात्मा गांधी, तो कोई झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की भूमिका अदा करता है । इस कविता में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की वीरता का वर्णन किया गया है । 

2) बनारस 

‘बनारस’ एक बेहतरीन कविता है जिसे लिखा है केदारनाथ सिंह जी ने। केदारनाथ सिंह जी की ये कविता शहर का वर्णन ही नहीं बल्कि यह जीवन में सुख और दुख , जन्म और मृत्यु के संबंध को दर्शाती है । ये कविता बताती है कि बनारस शहर किस तरह अपने अंदर इतने सारे भावों के साथ टिका हुआ है । ये खूबसूरत कविता वो कविता है जो बनारस जाने के लिए उत्सुक कर देती है।  

3) हम पंछी उन्मुक्त गगन के 

‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ सुनते ही आप दूसरी पंक्ति गुनगुना रहे हैं तो यक़ीनन आपको अपने स्कूल के दिनों की ये कविता याद है । ये कविता शिवमंगल सिंह सुमन की कविता है। ये कविता पक्षियों की आज़ादी की बात कर रही है । इस कविता के माध्यम से कवि, मानव जीवन में आज़ादी कितनी महत्वपूर्ण है ये व्यक्त कर रहे हैं। ये कविता हम सभी ने अपने स्कूल के दिनों में पढ़ी है। 

4) जाग तुझको दूर जाना 

‘चिर सजग आँखें उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना जाग तुझको दूर जाना’, ये कविता तो याद होगी आपको ये कविता महादेवी वर्मा जी की कविता है । ये कविता आपको संघर्ष का मतलब समझाती है, ये कविता हमें बंधनों से मुक्त होकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ना सिखाती है। 

5) चेतक की वीरता 

‘चेतक की वीरता’ कविता कवि श्यामनारायण पाण्डेय की कविता है । ये कविता आपने भी अपने स्कूल के दिनों में ज़रूर पढ़ी होगी । कविता में राणाप्रताप के घोड़े चेतक की वीरता का व्याख्यान किया गया है । राणा प्रताप को चेतक ने किस तरह युद्ध जीतने में सहायता की थी ये इसमें बताया गया है । ये कविता चेतक के साहस और स्फूर्ति का वर्णन करती है । 

 

Related posts

Rashmirathi:रश्मिरथी की ये पंक्तियाँ देती हैं जीवन की 3 बड़ी सीख

Kahani : काश तुम सुन सकती!!

Hindi Diwas 2025: अलग होना ग़लत नहीं,हर भाषा का सम्मान है ज़रूरी

1 Comment

Kunal September 2, 2025 - 7:33 PM

Sunder

Add Comment