Zubeen Garg: यूं ही कोई आँसू नहीं बहाता…..

Zubeen Garg: यूं ही कोई आँसू नहीं बहाता.....

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसे देख आँखें नम होना स्वाभाविक है। ये वीडियो गायक ज़ुबिन गर्ग के अंतिम संस्कार का वीडियो है जहां उनके फैंस उन्हें विदा कर रहे हैं। जुबिन नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे। 19 सितंबर को स्कूबा डाइविंग के दौरान 52 वर्ष के ज़ुबिन का निधन हो गया। पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार गुवाहाटी में हुआ। कलाकार जब दुनिया छोड़ता है तो यक़ीनन उसका शरीर इस दुनिया को छोड़ता है लेकिन उसकी कला के ज़रिए वो हमेशा ज़िंदा रहता है। 

ज़ुबिन ने असमिया , हिंदी , बंगाली , पञ्जाबी , उड़िया , तमिल , तेलुगु ,नेपाली और मलयालम से ज़्यादा भाषाओं में गा चुके हैं । जुबिन का गाना ‘या अली’ शायद ही किसी को याद न हो। ये गाना सुपर हिट हुआ था। जुबिन की अंतिम यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर किसी लहर की तरह छा गए हैं। गायक ज़ुबिन की अंतिम यात्रा को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बड़ी अंतिम यात्राओं में से एक माना है। ज़ुबिन इतने सारे लोगों को गमगीन क्यों कर गए? इतने सारे लोग उनसे प्रभावित क्यों थे ,ये सवाल मन में आ रहा है तो इसका एक ही जवाब है वो ये कि ज़ुबिन असल मायने में कलाकार थे एक सच्चे कलाकार।

ये  भीड़ कहाँ से आती है……   

अगर आपके मन में ये सवाल आ रहा है कि आखिर इतने लोग ज़ुबिन को क्यों चाहते हैं तो जान लीजिए इसका कारण। इसका कारण है कि जुबिन एक कलाकार थे, असल मायने में कलाकार। एक ऐसे कलाकार जो अपने लोगों के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहे। एक ऐसे कलाकार जो मुखर थे । उन्होंने अपने लोगों के हक़ लिए आवाज़ उठाई । वो ऐसे कलाकार नहीं थे जो सिर्फ़ अपना काम करे और चुप्पी साध ले , जो अपने लोगों के लिए कुछ न बोले । ज़ुबिन संशोधित नागरिकता अधिनियम के खिलाफ़ आंदोलन में थे। कलाकार जो अपनी कला से समाज में बदलाव और बेहतरी की सोच रखता है ज़ुबिन उनमें से थे। उन्होंने अपने विचार हमेशा स्पष्ट किये। उल्फा जो कि एक प्रतिबंधित संगठन है,ने बीहू समारोहों के दौरान हिंदी गीत गाने पर प्रतिबंध लगाया था,जुबिन ने इसे खारिज कर दिया था, उनका मानना था कि उन्हें कलाकारों को आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। जुबिन चैरिटी में भी आगे रहते थे। अपने लोगों के प्रति प्रेम और विश्वास ने उन्हें सबका चहीता बना दिया था। इस व्यक्तित्व के इंसान की अंतिम यात्रा में इतनी भीड़ होना लाज़िमी है।  

फैंस ने गाया ‘मायाबिनी’ 

ज़ुबिन को मयबिनी गीत बेहद प्यारा था। फैंस भी उनके इस गाने को बेहद पसंद करते हैं। ज़ुबिन ने एक कॉन्सर्ट में कहा था कि जब मैं मर जाऊंगा तब तुम ये गीत गाना । ये गाना मेरे लिए , तुम्हारे लिए और हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हुआ भी ऐसा ही ज़ुबिन ने आँखें मूँद लीं और ज़ुबिन की पत्नी गरिमा और ज़ुबिन के फैंस उनके इस गाने को गा रहे हैं । ये दृश्य देखकर शायद ही किसी की आँखें न भीगें। सबके बीच ज़ुबिन आँखें मूँदे हमेशा के लिए सो गए हैं और जब उनका पसंदीदा गाना सभी लोग गाना शुरू करते हैं तो ऐसा लगता है ज़ुबिन यहीं कहीं हैं। उनके चाहने वाले रोते हुए उनका पसंदीदा गाना गा रहे हैं उन्हें याद कर रहे हैं ये बेहद भावुक कर देने वाला क्षण था। आम जनता ही नहीं बल्कि ऐसे विडियो भी वायरल हैं जिसमें ड्यूटी कर रहे पुलिस अफ़सर भी रोते नज़र आ रहे हैं । इस दुनिया में यूँही कोई किसी के लिए आँसू नहीं बहाता , यक़ीनन ये आँसू कमाने पड़ते हैं ये भावना कमानी पड़ती है। असल में यही तो जीवन का सार है।

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1 Comment

Deepika Mishra September 29, 2025 - 1:41 AM

Good post

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