तुंगनाथ : जानें 3 पौराणिक कथाएं और यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी

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पंच केदारों में तीसरा केदार तुंगनाथ उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में मौजूद है। रुद्रप्रयाग जिले में ऊंचे पर्वत पर स्थित यह मंदिर चारों तरफ बर्फ से ढका हुआ है। बता दें कि चोपता से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान पंच केदारों में सबसे अधिक करीब 12000 फीट की ऊंचाई पर है।

तुंगनाथ मंदिर की पौराणिक कहानियां

पांडवों की पाप मुक्ति की कहानी

एक मान्यता के अनुसार तुंगनाथ मंदिर को पांडवों ने बनवाया था। जब महाभारत के युद्ध के पश्चात हत्याओं की पाप मुक्ति के लिए भगवान शिव से आशीर्वाद लेने वो काशी पहुंचे तो नाराज़ भोलेनाथ बैल का भेष बदलकर वहां से प्रस्थान कर हिमालय की ओर चले गए।
उन्हें ढूंढते हुए पांडव भी वहां पहुंचे और भीम ने बैल रूपी भगवान शिव को पहचान लिया। भीम ने बैल को पकड़ना चाहा तो वह जमीन में समाने लगी, इसी तरह उनके शरीर के पांच हिस्से अलग-अलग स्थानों पर जा गिरे। भोलेनाथ ने प्रसन्न होकर पांडवों को अपराध बोध से मुक्त किया और उसी स्थान से पांच भागों में पंच केदारों के रूप में जाने गए। कहते हैं तुंगनाथ में भगवान शिव की भुजाएं हैं।

राम द्वारा ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति

तुंगनाथ से थोड़ी ऊंचाई पर चंद्रशिला पीक स्थित है, मान्यता के अनुसार प्रभु श्री राम ने दशानन अर्थात् रावण के बाद ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए यहां तपस्या की थी।

माता पार्वती की तपस्या

एक और मान्यता ऐसी है कि माता पार्वती ने भगवान शिव से विवाह के लिए तुंगनाथ मंदिर में भी तपस्या की थी। इस प्रकार यह मंदिर प्रेम में तपस्या का भी प्रतीक है।

तुंगनाथ मंदिर कब खुलता है?

वैशाख पंचमी के बाद मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस तरह अप्रैल और मई का महीने में आप यहां दर्शन करने जा सकते हैं।

तुंगनाथ मंदिर जाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखें?

1. वहां का मौसम ठंडा होता है इसलिए अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े रखें।

2. अगर आपको सांस लेने में परेशानी होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही जाएं। साथ ही, घरेलू उपचार के तौर पर अपने साथ कपूर रख सकते हैं।

3. सर्दी-खांसी और बुखार की दवा के साथ पेनकिलर, उल्टी व दस्त की दवा भी अपने साथ रखें।

4. ट्रेकिंग का सफर एक दिन का तो है पर थोड़ा लंबा है इसलिए एनर्जी बूस्टर के तौर कर प्रोटीन बार और कुछ फल भी ले जा सकते हैं। सबसे खास अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें।

5. बारिश की अधिक संभावना रहती है, इसलिए रेनकोट आपके पास होना चाहिए।

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